Page 4 - DHIN401_HINDI_SAHITYA_KA_ITIHAAS
P. 4

ikB~;Øe

                                                         (SYLLABUS)
                                                fgUnh lkfgR; dk bfrgkl


            mís’;

               • Nk=ksa esa lkfgR; le>us] mldk vkLoknu djus rFkk ewY;kadu djus dh n`f"V dks c<+kukA
               • Nk=ksa dks lkfgR; ds lanHkZ esa fofHkUu lkfgfR;d fo/kkvksa ds fodkl Øe dk ifjp; nsukA
               • Nk=ksa dks ;qxhu lkekftd] jktuhfrd] /kkÆed] lkfgfR;d rFkk vkÆFkd ifjfLFkfr;ksa ds ifjçs{; esa Çgnh ls
                 voxr djkukA



                 Sr.                                          Content
                No.

                                                                         ं
                 1    हहन्दी साहहत्य का इहिहास,  काल हिभाजन, सीमा हनर्ाारण एि नामकरण,आददकाल:  काल हिभाजन, सीमा
                      हनर्ाारण एि नामकरण
                                ं
                 2    आददकालीन साहहत्य की पररहथिहियााँ, आददकालीन साहहत्य परम्परा- जैन, हसद्ध एि नाि साहहत्य, रासो
                                                                                         ं
                      साहहत्य

                                             ु
                 3    आददकालीन साहहत्य की प्रमख हिशषिाएाँ, आददकालीन साहहत्य का परििी साहहत्य पर प्रभाि, पूि मध्यकाल:
                                                                                                    ा
                                                  े
                                                   े
                                                         े
                      भहिकाल की पररहथिहियााँ, भहि क उदय क कारण|
                                               ै
                                                                                ा
                                                                                ु
                                                              ं
                                                                 ु
                                                                       े
                 4    पूि मध्यकाल: भहिकाल की िचाररक पृष्ठभूहम एि प्रमख हिशषिाएाँ, हनगण संि कहि और उनका योगदान।
                         ा
                                                                                   ं
                                                                                      ृ
                                                                         ु
                      हहन्दी सूफ़ी काव्य परम्परा, भारिीय संथकहि एि लोकजीिन। प्रमख कहि, एि प्रिहियााँ
                                                            ं
                                                       ृ
                                                                                                   े
                                                                                                ु
                                                                             े
                 5    राम और कष्ण काव्य र्ारा: प्रमख कहि एि काव्य प्रिहियााँ, अष्ठछाप क कहि, भहिकाल थिणयग क रूप म,
                                                        ं
                                               ु
                               ृ
                                                                ृ
                                                                                                         ें
                                                                                               ा
                      अन्य साहहहत्यक प्रिहियााँ।
                                      ृ
                 6    रीहिकाल की प्रमख प्रिहियााँ, दरबारी संथकहि एि लक्षण ग्रन्िों की परम्परा, प्रमख प्रिहियााँ, रीहिबद्ध,
                                                              ं
                                    ु
                                                                                     ु
                                                                                          ृ
                                                        ृ
                                         ृ
                                                             े
                      रीहिहसद्ध, रीहिमि। प्रमख कहि और उनकी हिशषिाएाँ।
                                    ु
                                          ु
                                                                                                 ृ
                                                                                    ु
                 7    आर्ुहनक काल: 1857 का थिार्ीनिा संग्राम एि हहन्दी निजागरण, भारिेन्दु यग: कहि और प्रिहियााँ , हििदी
                                                                                                          े
                                                            ं
                        ु
                                         ं
                      यग, राष्ट् काव्यर्ारा एि समकालीन कहििा
                                                   ृ
                 8    छायािाद, उत्तरछायािादी काव्य प्रिहियााँ: प्रगहििाद, प्रयोगिाद, नई कहििा, समकालीन कहििा, हहन्दी गद्य
                                                        ं
                      का उद्भि और हिकास, हहन्दी उपन्यास एि नाटक: उद्भि और हिकास
                 9    हहन्दी हनबन्र्, आलोचना, रखाहचत्र, जीिनी, संथमरण: उद्भि एि हिकास
                                                                          ं
                                            े
                 10   आत्मकिा, साक्षात्कार, फीचर, थिािण्त््योिर,आर्ुहनक  गद्य का हिकास
   1   2   3   4   5   6   7   8   9